
जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री बदलाव की चर्चाओं को अफवाह करार देते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इन पर ध्यान नहीं देने का बयान देते हुए कहा कि मेरा इस्तीफा तो परमानेंट तरीके से पार्टी आलाकमान सोनिया गांधी के पास मौजूद है।
शनिवार को राजस्व सेवा परिषद के सम्मेलन में सीएम गहलोत ने कहा कि अफवाह चलती रहती है, उन पर आपको ध्यान नहीं देना है। अफवाह चलती है कि सरकार बदल रही है, मुख्यमंत्री बदल जाएंगे। निश्चिंत रहना। मैं वह व्यक्ति हूं, जब वर्ष 1998 में पहली बार मुख्यमंत्री बना, सोनिया गांधी ने मुझे तीन बार मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया तो मैंने उस वक्त से उन्हें अधिकृत कर रखा है। मेरा इस्तीफा तो परमानेंट ही उनके (सोनिया गांधी के) पास में है।
सीएम गहलोत ने कहा कि आप सोच सकते हैं, बार-बार यह आना नहीं चाहिए कि मुख्यमंत्री बदल रहा है। क्या हो रहा है? जब मुख्यमंत्री बदलना होगा तो किसी को कानों कान भनक नहीं लगेगी। आप निश्चिंत रहें, आप अफवाहों में नहीं पड़े। दो-तीन दिन से अफवाह सुन रहा हूं। फलां यह हो गया, वो हो गया। अफवाह से बिना मतलब लोग कंफ्यूज हो जाते हैं। गवर्नेंस में फर्क पड़ जाता है। मैं यह बात क्यों कर रहा हूं? सरकार अनस्टेबल रहती है कि क्या हो रहा कांग्रेस के अंदर।
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि वैसे भी आप देख रहे हो कांग्रेस की क्या स्थिति हो रही है। जो देश के अंदर चिंता का विषय होना चाहिए। देश के लोगों के लिए भी यह चिंता का विषय होना चाहिए। आम आदमी जिसने कभी कांग्रेस को वोट नहीं दिया वह भी चाहता है कि देश में कांग्रेस मजबूत रहे। उन्होंने कहा कि देशहित में सोचना चाहिए। मैं मोदी जी को बार-बार कहता हूं कि कांग्रेस मुक्त भारत की बात कहने वाले खुद एक दिन मुक्त हो जाएंगे। कांग्रेस सत्ता में भले न हो, लेकिन आज भी गांव-गांव में उसका वजूद है।
सीएम गहलोत ने कहा कि मैं बचपन से ही 36 कौम को साथ लेकर चलने वाले संस्कार लेकर चला हूं। इसलिए जनता ने तीसरी बार सीएम बनने का मौका दिया है। मेरी जाति का एक ही विधायक है और जानते हैं वह कौन हैं, वह मैं खुद हूं।
बतादें कि हाल ही में सचिन पायलट की सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद प्रदेश में मुख्यमंत्री बदले जाने की चर्चा जोर पकडने लगी है।