

सबगुरु न्यूज-सिरोही। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा द्वारा पिछले महीने कलक्टरी पर दिए गए धरने के दौरान जो तेवर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को धमकाने के पुलिस अधिकारी के थे, वैसे ही तेवर से गुरुवार को शराब व्यवसाय से जुडे़ भाजपा के जिला पदाधिकारी के थे।
मड़िया गांव में सांसद की गौरव उपयात्रा को काले झंडे दिखाने वाले ग्रामीणों से भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष गणपतसिंह उसी अंदाज में नाम पता पूछते दिखाई दिए, जैसे कांग्रेस के धरने के दौरान पुलिस अधिकारी पूछ रहे थे। सोशल वीडियो पर गणपतसिंह का ऐसा वीडियो जारी होने के बाद चहुंओर उनकी निंदा हो रही है।
मामला मड़िया का है। सोमवार को सांसद देवजी पटेल की मुख्यमंत्री की राजस्थान गौरव यात्रा से पहले गौरव उपयात्रा सिरोही विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों से निकलनी थी। यह मड़िया से भी निकली। यहां पर ग्रामीणों ने विकास नहीं करवाए जाने को लेकर इस उपयात्रा को काले झंडे दिखाने का निर्णय किया।
यात्रा जैसे ही गांव में पहुंची यहां पर ग्रामीणों ने हाथ में काले झंडे लहराए। इस यात्रा में सबसे आगे एक बोलेरो थी। इसमें भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष गणपतसिंह थे। उन्होंने उतरकर ग्रामीणों के हाथ से जबरन काले झंडे छीन लिए। इस बीच युवक भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
इस पर गणपतसिंह ने उनसे उसी अंदाज में उनका नाम पूछा जिस अंदाज में सिरोही में पिछले महीने एक पुलिस अधिकारी ने कांग्रेस के धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता से पूछा था। किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष शराब कारोबारी भी हैं। पांच साल पहले पार्टी की जो प्रमुख यात्राएं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुडे़ भाजपा के कर्मठ कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में निकलती थीं अब उनकी कमान जिले के शराब व्यवसाइयों के हाथ में आ गई है।
कर्मठ कार्यकर्ताओं में इसे लेकर भी रोष और क्षोभ है। गणपतसिंह सत्ता बदलने से पहले कांग्रेस में थे और उनकी इस हरकत को सत्ता के मठाधीशों से अपनी करीबी के लिए उठाया गया कदम ज्यादा माना जा रहा है।