
अजमेर। चेटीचण्ड महापर्व के उपलक्ष्य में गुरुवार को सिन्धी सोशल वेल्फेयर सोसायटी नाका मदार द्वारा पुज्य बहिराणा साहेब, सांस्कृतिक संध्या, महाआरती और मधुबन कॉलोनी स्थित सामूदायिक भवन में भण्डारे का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर स्वामी बसंतराम सेवा ट्रस्ट के सांई ओमलाल शास्त्री और निर्मलधाम झूला मोहल्ला के स्वामी आत्मदास तथा अन्य संत महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रम में मशहूर कलाकार घनश्याम भगत और कु. गितिका ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी।
सांई ओमलाल शास्त्री ने बताया कि सिन्ध से आए परिवार अपना घर-बार छोड़कर खाली हाथ वहां से निकले थे और अब हिन्दूस्तान ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। हमें अपने बुजूर्गों से प्रेरणा लेकर जीवन में नए आयाम स्थापित करने चाहिए। निर्मलधाम झूला मोहल्ला के स्वामी आत्मदास ने भी आशीर्वचन दिए।
कार्यक्रम संयोजक हरीश केवलरमाणी ने बताया कि बहिराणा साहेब में सांस्कृतिक संध्या के दौरान मशहूर कलाकार घनश्याम भगत ने एक से बढकर एक भजन प्रस्तुत किए। उन्होंने लाल झूलेलाल लाल झूलेलाल…, आहीं मेहरबान सांई मिलयो द्स आहे… और कु. गितिका ने सिन्धी अबाणी बोली…., ब्रेडी पार उतार ओ झूलण… जैसे कई भजन और गीतों से लोगों का मन मोह लिया।
समिति अध्यक्ष मुरली लालचंदाणी ने सभी का स्वागत किया। इस बार भवन में विशेष श्रृंगार पांच ईष्टदेव झूलेलाल की मूर्तियां व झरने का आकर्षण रहा। कार्यक्रम के अंत में महाआरती का आयोजन किया गया।
महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री अनिता भदेल ने कहा कि चेटीचण्ड और नवसंवत्सर के ऐसे आयोजनों से सभी नागरिकों में आपसी मेलजोल और भाईचारा बढ़ता है। ईष्टदेव झूलेलाल के बताए मार्ग पर चलकर सेवाभावी बनें और देश व समाज की सेवा करनी चाहिए। अजमेर नगर परिषद के पूर्व सभापति सुरेन्द्र सिंह शेखावत ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर पूज्य झूलेलाल जयन्ती समारोह समिति के कंवल प्रकाश किशनानी, मोहन तुलस्यिाणी, नरेश केवलरमानी, अर्जुन तुलसयानी, राजू दादलाणी, अशोक टेकवाणी, पराग दादलाणी राजकुमार, लक्ष्मण सबनानी, भगवान कलवाणी, गिरधर तेजवाणी, हरी चन्दनाणी, महेन्द्र कुमार तीर्थाणी, जगदीश अबिचंदाणी, राधाकिशन आहूजा, जीडी वृदांणी, रमेश टिलवाणी, तुलसी सोनी, खेमचन्द नारवाणी, महेश मुलचन्दानी गोविन्द जैनाणी, ईसर भम्भाणी, सहित अलग अलग संस्थाओं के सेवाधारी उपस्थित थे।
आज झूलण जी मौज और बहिराणा
संयोजक कमल मोतियाणी ने बताया कि 16 मार्च की सुबह 11 बजे से जीएलओ डीआरएम कार्यालय स्थित शिव मंदिर पर झूलण जी मौज और बहिराणा आयोजित किया जाएगा। वहीं शाम 6 बजे से डिग्गी तालाब के सामने हालाणी दरबार साहिब में गीत संगीत व संतों के आशीर्वचन होगें। जिसके संयोजक केजे ज्ञानी रहेंगे।