

रतलाम । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि रतलाम का मेडिकल काॅलेज चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
चौहान ने आज रतलाम में मेडिकल काॅलेज का लोकार्पण करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष व विधायक चेतन्य काश्यप, राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष हिम्मत कोठारी आदि उपस्थित थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 273.70 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मेडिकल काॅलेज, 16.58 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नवीन कलेक्टोरेट भवन सहित 400 करोड़ रुपए से ज्यादा के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि रतलाम मेडिकल काॅलेज अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से युक्त है। यहां हाईटेक मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जो नई दिल्ली के एम्स में भी नहीं हैं। मेडिकल काॅलेज में बनाए गए 750 बिस्तरीय अस्पताल में कई गंभीर बीमारियों की उपचार सुविधा मुहैया कराई जाएगी। यह अस्पताल उज्जैन संभाग का सर्वश्रेष्ठ अस्पताल होगा। जो सपना रतलाम की जनता ने देखा था, वह पूरा हुआ है।
प्रदेश में डाॅक्टरों की उपलब्धता खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में सुनिश्चित करने के प्रयासों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि अब मध्यप्रदेश में मेडिकल काॅलेजों की संख्या बढ़ती जा रही है, इस कारण पहले जहां प्रतिवर्ष 600 डाॅक्टर पास आउट होकर प्रदेश को मिलते थे वहीं अब 2600 डाॅक्टर प्रतिवर्ष मिलेंगे। रतलाम मेडिकल काॅलेज में भी राज्य की मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।
राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष काश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री ने रतलाम को मेडिकल काॅलेज की सौगात देकर रतलाम के नागरिकों के सपने को पूरा किया है। यह शहर के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने मांग की कि मेडिकल काॅलेज में स्थानीय विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा लाभ दिया जाए। स्थानीय विद्यार्थियों हेतु एक कोटा तय किया जाना चाहिए।