
चूरू। राजस्थान के चुरू जिले में राजगढ़ (सादुलपुर) के थाना प्रभारी विष्णुदत्त बिश्नोई ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी आज सुबह 9.30 बजे उस समय लगी जब एक पुलिसकर्मी थाना परिसर में उनके सरकारी निवास पर उनसे मिलने गया।
विष्णुदत्त विश्नोई की बीकानेर संभाग में तेज तर्रार पुलिस अधिकारी के रूप में छवि थी। उनके द्वारा खुदकुशी कर लेने से सनसनी और पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। बीकानेर से पुलिस महानिरीक्षक जोस मोहन और चूरू जिला मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम राजगढ़ के लिए रवाना हो गए।
मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भरतराज मामले की जांच पड़ताल करने में जुटे हैं। थाने के बाहर काफी भीड़ लग गई है। पुलिस कोरोना वायरस नॉक डाउन की गाइडलाइन के तहत लोगों को दूर खदेड़ने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने में लगी है। राजगढ़ में कल शाम को दिनदहाड़े फायरिंग की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और दो घायल हो गए थे।
अपुष्ट सूत्रों के अनुसार थाना प्रभारी की आत्महत्या का मामला कल की इस घटना से जुड़ा हुआ है। बीकानेर के पुलिस महानिरीक्षक जोस मोहन ने बताया कि कल राजगढ़ में कत्ल की एक घटना हो गई थी, जिसके अपराधियों को पकड़ने और मामले की तफ्तीश करने में थाना प्रभारी विष्णुदत्त रात 1.30 बजे तक लगे रहे। इसके बाद थाना परिसर में वे सरकारी आवास में आए। उन्होंने सुसाइड नोट लिखा और फिर कमरे में ही छत के साथ फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
उन्होंने बताया कि आज सुबह थाना प्रभारी कार्यालय में नहीं आए। फोन पर थाने के कर्मियों ने संपर्क किया तो कोई जवाब नहीं मिला। तब एक पुलिसकर्मी उन्हें देखने के लिए सरकारी आवास में गया था। वहां कमरे में थाना प्रभारी का शव फंदे पर लटका हुआ था।
सुसाइड नोट में विष्णुदत्त विश्नोई ने कल की घटना से आहत होकर लिखा है कि वह अपना काम लगता है सही तरीके से नहीं कर पा रहे। आत्महत्या को लेकर अभी कोई और वजह सामने नहीं आई है। सुसाइड नोट का पूरा अध्ययन करने के बाद ही कारण स्पष्ट हो पाएंगे।
पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने बताया कि विष्णुदत्त के परिवार जन बीकानेर से राजगढ़ पहुंच रहे हैं। अभी आत्महत्या के कारणों को लेकर कुछ भी नहीं कहा जा सकता। उनके परिवार वालों से बात की जाएगी। सीआई विष्णु दत्त का परिवार बीकानेर में रहता है।
चूरू के पूर्व सांसद रामचंद्र कस्बा और राजगढ़ की विधायक कृष्णा पूनिया सुबह इस घटना का पता चलने पर पुलिस थाने में पहुंचे कुछ देर बाद कृष्णा पूनिया जब थाने से बाहर निकल रही थी तब लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी भी की।
सूत्रों का कहना है कि सीआई विष्णुदत्त पर कामकाज को लेकर काफी राजनीतिक दबाव भी पड रहा था। उल्लेखनीय है कि राजगढ़ कस्बे में रेलवे कॉलोनी के नजदीक सुभाष नगर चौक में कल दोपहर बाद जीप में आए पांच छह व्यक्तियों ने फायरिंग कर दी थी। चौक में कुछ लोगों के साथ बैठे बातचीत कर रहे राजेंद्र गढ़वाल नामक एक बस ऑपरेटर पर गोलियां चलाई गईं।
सिर और कमर में गोली लगने से राजेंद्र गढ़वाल बुरी तरह से घायल हो गया। उसके पुत्र सुनील और एक पड़ोसी विजय बाल्मीकि भी फायरिंग में घायल हो गए। तीनों को सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से राजेंद्र को हिसार रेफर कर दिया गया। हिसार ले जाते हुए राजेंद्र गढ़वाल की मौत हो गई।
फायरिंग करने वाले अपराधियों को पकड़ने के लिए चूरु जिले और इसके साथ लगते हरियाणा के थानों की पुलिस को सतर्क किया गया था। इस घटना को लेकर थाना प्रभारी कल देर रात तक व्यस्त रहे। रात्रि डेढ बजे अपने सरकारी आवास में आने के बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली। राजेंद्र गढ़वाल की हत्या का कारण कोई रंजिश बताया जा रहा है।
पूनिया ने राजगढ़ थानाधिकारी की आत्महत्या पर जताया शोक
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डा.सतीश पूनियां ने राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई के आत्महत्या पर गहरा शोक व्यक्त किया है। पूनियां ने इस गम्भीर घटना की वस्तुस्थिति जांचने के लिए उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ एवं सांसद राहुल कस्वां को राजगढ़ भेजा है।
डाॅ. पूनियां ने कहा कि थानाधिकारी की आत्महत्या एक गम्भीर घटना है और यह हमारी व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रही है। सरकार को इसकी जाँच करवा कर तथ्यों का पता लगाना चाहिए कि ऐसे क्या कारण रहे की एक थानाधिकारी को आत्महत्या करनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि पुलिस में काम करने के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों में काम के दबाव एवं मानसिक तनाव को कम करने के लिए भी सरकार को सार्थक कदम उठाने की जरूरत है। इस तरह की घटनाऐं पुलिस का मनोबल गिराने का काम करती है। इनकी पुनरावृति ना हो इसके लिए सरकार सकारात्मक प्रयास करें।