
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नयी दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज कहा कि महिला आरक्षण का उसने हमेशा ही समर्थन किया था लेकिन कांग्रेस को उत्तर देना चाहिए कि जिन्होंने महिला आरक्षण का विरोध किया था उनसे वह चुनावी गठजोड़ करके क्या संदेश देना चाहती है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का भाजपा ने हमेशा ही समर्थन किया है लेकिन जिन्होंने इसका विरोध किया है, कांग्रेस उनसे गठबंधन करने जा रही है। ऐसे में वह क्या संदेश देना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बताये कि महिला आरक्षण का विरोध करने वालों के साथ कैसे गठबंधन करेगी।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर इसी सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने की मांग की है और कहा है कि कांग्रेस इसके लिए उन्हें बिना शर्त समर्थन देने को तैयार है।
गांधी ने प्रधानमंत्री को लिखे गये अपने पत्र को ट्वीटर पर पोस्ट कर कहा की हमारे प्रधानमंत्री कहते हैं कि वह महिलाओं के सशक्तीकरण के पुरोधा हैं। समय आ गया है कि वह राजनीति से ऊपर उठकर कथनी को करनी में बदलें और संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित करायें। कांग्रेस उन्हें बिना शर्त समर्थन देगी।
जावड़ेकर ने कांग्रेस पर घोर सांप्रदायिक पार्टी होने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण की राजनीति करके देश का पहले ही बहुत नुकसान किया है और अब वह फिर उसी रास्ते पर जा रही है जिस पर चल कर उसने देश का विभाजन कराया था।
उन्होंने कहा कि मज़हब के आधार पर देश में सबसे बड़ा जनसंहार कांग्रेस ने 1984 में कराया था जब दिल्ली में तीन हजार सिखों को जिन्दा जला दिया गया था। इसी तरह बिहार में कांग्र्रेस के शासन में भागलपुर के दंगों में हजारों मुसलमान मारे गये थे लेकिन उसकी जांच तक नहीं करायी गयी। शाहबानों के मामले में संविधान तक बदल दिया जो सांप्रदायिक राजनीति का सबसे घृणित उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का है। तत्कालीन गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे ने कहा था कि आतंकवाद के आरोपों में बंद मुसलमान युवाओं को छोड़ देना चाहिए।
जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस की इसी घृणित सोच ने देश का विभाजन कराया और देश के सामने अनेेक संकट पैदा किये। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी से सवाल किया कि क्या वाकई में कांग्रेस एक मुस्लिम पार्टी है।