
जयपुर। राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर के 2017-18 के वार्षिक पुरस्कारों की घोषणा अकादमी अध्यक्ष डॉ़ इन्दुशेखर तत्पुरुष द्वारा कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि अकादमी का इस वर्ष का सर्वोच्च मीरा पुरस्कार 75000 रुपए दीप्ति कुलश्रेष्ठ जोधपुर को उनके उपन्यास अंधे मोड़ से आगे पर घोषित किया गया है।
इनकों भी मिला पुरस्कार
अकादमी का कविता विधा का सुधीन्द्र पुरस्कार डॉ़ पद्मजा शर्मा जोधपुर को उनकी काव्य कृति मैं बोलूंगी, कथा उपन्यास विधा का डॉ़ रांगेय राघव पुरस्कार हरदान हर्ष जयपुर को उनकी कृति मीरा, नाटक विधा का देवीलाल सामर पुरस्कार रमेश खत्री जयपुर को उनकी कृति मोको कहा ढूंढेरे बंदे, आलोचना विधा का देवराज उपाध्याय पुरस्कार लहरी राम मीणा दिल्ली को उनकी कृति साहित्य का रंग चिंतन, विविध विधाओं का कन्हैयालाल सहल पुरस्कार हरदर्शन सहगल बीकानेर को उनकी कृति डगर डगर पर मगर तथा बाल साहित्य का शम्भूदयाल सक्सेना पुरस्कार गोविन्द भारद्वाज अजमेर को उनकी कृति बिल्ली मौसी बड़ी सयानी पर घोषित किया गया है। ये सभी पुरस्कार 31-31 हजार रूपए के हैं।
सुमनेश जोशी प्रथम प्रकाशित कृतिद्ध पुरस्कार देशवर्धन सिंह अजमेर को उनकी कृति मनन पर घोषित किया गया है। अकादमी सचिव डॉ़ विनीत गोधल ने बताया कि उक्त समस्त पुरस्कार 18 मार्च 2018 को उदयपुर में आयोजित अकादमी के वार्षिक सम्मान समारोह 2018 के अवसर पर प्रदान किए जाएंगे।