

नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहनों की बिक्री में पिछले साल पाँच प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई।
इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियों की सोसाइटी (एसएमईवी) ने आज बताया कि देश में पिछले साल कुल 25,735 इलेक्ट्रिक वाहन बिके जो वर्ष 2019 के 27,224 इकाई की तुलना में 5.47 प्रतिशत कम है। उसने यह भी कहा है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई फेम-2 योजना दूर-दूर तक अपने लक्ष्य के आसपास भी नहीं है।
फेम-2 के तहत मार्च 2022 तक 10 करोड़ इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहनों की बिक्री का लक्ष्य रखा गया था। यह योजना अप्रैल 2019 में शुरू की गई थी। सोसाइटी के आँकड़ों के अनुसार, जनवरी 2019 से दिसंबर 2020 तक देश में कुल 52,959 इलेक्ट्रिक वाहन बिके थे जिनमें फेम योजना के तहत 31,813 इकाई ही बिके हैं।
एसएमईवी के महानिदेशक सोहिंदर गिल ने कहा कि फेम योजना में कुछ बहुत अच्छी बातें थीं, लेकिन यह ग्राहकों को आकर्षित करने में कामयाब नहीं रही। इसका प्रमुख कारण यह है कि योजना में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जो मानक रखे गये थे उन्होंने वाहनों को काफी महँगा बना दिया। इस कारण 36 में से 21 महीने गुजर जाने के बाद भी लक्ष्य का मात्र चार प्रतिशत ही पूरा हो सका है। उन्होंने कहा कि यदि फेम योजना में कुछ बदलाव किये जायें तो ग्राहक इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहन खरीदने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।