
जयपुर। राजस्थान में अपनी मांगों को लेकर भरतपुर जिले के पीलूपुरा में चल रहा गुर्जर आंदोलन आज नौवें दिन भी जारी रहा। हालांकि आंदोलन समाप्त करने लिए बातचीत भी जारी हैं।
गुर्जर समाज के गत एक नवंबर से रेल पटरी पर डेरा डाले हुए हैं जिससे नौ दिन से दिल्ली-मुम्बई रेल मार्ग पर रेल आवागमन ठप पड़ा हैं। इस बीच करौली जिला कलेक्टर सिद्धार्थ सिहाग एवं पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छवाहा हिण्डौन में गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला से बातचीत कर रहे हैं और खेल मंत्री अशोक चांदना के भी कर्नल बैंसला से वार्ता करने के चर्चा हैं।
उधर, अखिल भारतीय गर्जर महासंघ ने जयपुर जिले में कोटपुतली उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन सौंपकर एमबीसी आरक्षण की विसंगतियों को दूर कर भर्तियों में बैकलॉग देने एवं एमबीसी आरक्षण को नौवीं अनुसूची में डालने की मांग की। महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविशंकर धाभाई के निर्देशानुसार महासंघ के जयपुर जिला उपाध्यक्ष भोम सिंह जांगल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा।
जांगल ने बताया कि हम राजस्थान में कर्नल बैंसला के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन का समर्थन करते हैं और सरकार से मांग करते हैं कि 2011 के बाद की भर्तियों में चारप्रतिशत बैकलॉग देकर अति पिछड़ा वर्ग आरक्षण के पांच प्रतिशत आरक्षण को नौवीं अनुसूची में में डलवाने के लिए मंत्रिमंडल की सिफारिश से केन्द्र सरकार को पत्र भेजकर शीघ्र इस समस्या का समाधान करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि आंदोलन शुरु होने से पहले सरकार के साथ गुर्जरों के 41 सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता कर समझौता किया था लेकिन इसमें कर्नल बैंसला शामिल नहीं हुए। इस समझौते का समर्थन कर रहे गुर्जरों का कहना है कि जब सरकार के साथ चौदह बिन्दुओं पर बातचीत हो गई तो अब आंदोल करने का कोई मतलब नहीं रह गया है। आंदोलन कर रहे कर्नल बैंसला एवं उनके समर्थकों का कहना है कि जो भी बातचीत या फैसला होना हैं वह धरनास्थल पर चाहते हैं।
गुर्जर आंदोलन के चलते दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग बंद होने से कई रेलगाड़ियों को मार्ग बदलकर चलाया जा रहा है जिससे बड़ा त्योहार दीपावली के मद्देनजर लोगों को अपने घर आने जाने में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।