

जयपुर। राजस्थान की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ममता भूपेश ने आज विधानसभा में कहा कि केंद्र सरकार अपना अंशदान दे तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मानदेय में चार हजार पचास रुपए तक की वृद्धि हो सकती है।
भूपेश ने प्रश्नकाल में विधायक नारायण बेनीवाल के पूरक प्रश्न के उत्तर में यह बात कही। उन्होंने बताया कि आशा सहयोगिनियों को वर्तमान में शत प्रतिशत मानदेय राज्य सरकार द्वारा ही वहन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नियमानुसार केंद्र और राज्य सरकार के बीच अंशदान में 60ः40 का अनुपात होना चाहिए। लेकिन आशा सहयोगिनियों को 2700 रुपये का पूरा मानदेय राज्य सरकार ही दे रही है। इसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के अंशदान में भी केंद्र सरकार अपने हिस्से का 60 प्रतिशत देने के बजाय वर्तमान में केवल 38 प्रतिशत ही दे रही है जबकि 62 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान देश में पहला ऎसा राज्य है जो आशा सहयोगिनियों के मानदेय को पूर्णतया वहन कर रहा है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा मानदेय राजस्थान में है हालांकि चिकित्सा विभाग द्वारा दिया जाने वाला मानदेय राज्यों में अलग-अलग है।
भूपेश ने बताया राजस्थान सरकार के 2,700 रुपये के अंशदान को 40 प्रतिशत मानकर केंद्र बाकी 60 प्रतिशत अंशदान दे तो मानदेय में 4050 रुपये तक की वृद्धि हो सकती है। उन्होंने विपक्ष से इस मुद्दे पर साथ आने की अपील करते हुए कहा कि केंद्र सरकार से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के अंशदान अनुपात को ही आशा सहयोगिनियों के लिए भी कराने के प्रयास किए जाएं।
एएनएम के कोर्स में आरक्षण के संबंध में उन्होंने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए पांच प्रतिशत, आशा सहयोगिनियों के लिए 10 प्रतिशत, चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों के लिए 15 प्रतिशत आरक्षण किए जाने के लिए गत एक जनवरी को आदेश दिए गये हैं।