अजमेर। जियो या मरो लेकिन जो भी करो कमाल का करो। ये नारा अंतरराष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर एवं बिजनस गुरु भूपेन्द्र सिंह राठौड ख़तोंली ने जवाहर रंगमंच में बीएसआर स्पर्श फ़ाउंडेशन एवं पुष्कर पैराडाइज कंप एंड रिसोर्ट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में दिया।
भूपेन्द्र सिंह ने श्रोताओं से कहा कि अगर जीवन बदलना है तो आदत बदलनी आवश्यक है। सभी महापुरुषों की आदतें असाधारण होने के कारण वे लोग असाधारण बन पाए। अच्छी आदतें सोच समझ कर एवं जान बूझ कर डालनी पड़ती है, नहीं तो अनजाने में बुरी आदतें पड़ जाती हैं। अच्छी आदतें बनाने में थोड़ा कष्ट होता है, लेकिन उतना नहीं जितना बाद में सफल ना होने के अफ़सोस में होता है।
भूपेन्द्र सिंह का सपना है की वो 10 करोड़ लोगों के जीवन में 2040 के पहले अपने इन प्रोग्राम के माध्यम से बदलाव लाना चाहते हैं। इसके लिए वे पूरे देश में घूम घूम के इस तरह से फ़्री सेमिनार आयोजित कर रहे हैं। इस शृंखला में ये उनका 69वीं सेमिनार थी।
किशनगढ़ तहसील के खातोंली गाँव के निवासी भूपेन्द्र सिंह राठौड आज हिंदुस्तान के बेहतरीन मोटिवेशनल स्पीकर्स में से एक हैं। क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के कारण ही उन्हें Asia’ Greatest Leader 2017 से नवाजा गया।
भूपेन्द्र दुनिया को inspire करने के लिए नवम्बर में एक साइकल रैली का आयोजन भी कर रहे हैं जो कि दिल्ली से पांडिचेरी तक रहेगी। इस साइकल रैली के दौरान आने वाले सभी स्कूल व कॉलेजों में व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे और महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों को रोकने के प्रति सजग क़दम उठाए जाएंगे।
गुरुवार को अजमेर में आयोजित सेमिनार में 750 से ज्यादा लोगों ने शिरकत की। तीन घंटे चले इस कार्यक्रम में श्रोता मंत्रमुग्ध रहे। कई कहानियों और उदाहरणों के द्वारा भूपेन्द्र सिंह ने लोगों को ये एहसास दिलाया की इंसान चाहे तो अपनी तक़दीर ख़ुद बना सकता है। क्यूंकि इंसान भगवान तो नहीं लेकिन भगवान से कम भी नहीं। सभी का उत्साह प्रोग्राम में चरम सीमा पे रहा।
कार्यक्रम का संचालन मिस विजेता सहाय ने किया। सहाय भी एक सफल कॉरपोरेट ट्रेनेर हैं। इस मौक़े पर समाज के कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।