
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने देश में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस पर चिंता जताते हुए बुधवार को कहा कि अत्याधुनिक हथियार तो हम बना सकते हैं लेकिन वायरस से नहीं लड़ सकते।
न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि हर 100 साल में इस तरह की महामारी फैलती है।
न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि इंसान की हैसियत इन वायरस के सामने बौनी पड़ जाती है। आप हथियार तो बना सकते हैं लेकिन इस जानलेवा वायरस से नहीं लड़ सकते हैं।
उन्होंने एक सुनवाई के दौरान अदालत में वकीलों की भीड़ को लेकर यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस तरह की महामारी हर 100 साल में फैलती है। कलयुग में वायरस से हम लड़ नहीं सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इंसान की कमजोरी देखिए। आप हथियार तो बना सकते हैं लेकिन आप ऐसे वायरस से लड़ नहीं सकते हैं। हमें इससे अपने स्तर पर लड़ने की जरुरत है।