

बीकानेर। पश्चिमी राजस्थान के थार रेगिस्तान में बसे बीकानेर में यूरोप, रुस, मंगोलिया, तिब्बत, कजाकिस्तान, साइबेरिया सहित अनेक देशों से शीतकालीन प्रवास पर बड़ी संख्या में विदेशी पक्षी पहुंचे है।
हालांकि बताया जा रहा है कि सर्दी शुरु होने से पहले भी कुछ प्रवासी पक्षी आ गए थे वहीं वर्तमान में जो पक्षी देखे गए हैं उनमें मोन्टेगु हेरियर, डेमोइसेल क्रेन (कुरजां), येलो आइड पीजन, लेगर फॉल्कन, स्टेपी ईगल, यूरोपियन ग्रिफान, हिमालयन ग्रिफान व सिनेरियस वल्चर भी देखे गए हैं। इससे पहले प्रवासी पक्षी कुुरजां का झुण्ड पहले ही आ चुका है।
बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ (चार जिलों) की महाराजा गंगासिंह यूनिवर्सिटी के एनवायरमेंटल साइंस डिपार्टमेंट विदेशी पक्षियों पर अध्ययन के लिए उनका मूवमेंट्स देख रहा है। डिपार्टमेंट के प्रमुख प्रोफेसर व मशहूर पर्यावरणविद् अनिल कुमार छंगाणी ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, खींचन सहित अनेक जगहों पर बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी देखे गए हैं। वहीं जलीय पक्षियों को देखना हो तो समीपवर्ती गजनेर पैलेस झील,
श्रीकोलायत, बीछवाल, कोडमदेसर, दियातरा, जयमलसर, सूरतगढ़, रावतसर के तालाब व झील में देखे जा सकते हैं। छंगाणी के अनुसार प्रवासी पक्षी रोजी पेस्टर (स्टर्लिंग) इस बार सबसे पहले आए हैं।