
अजमेर। भारत के प्रथम भाप रेल इंजन की लाइव प्रदर्शनी रविवार को लोको कारखाना के मुख्य गेट पर स्थापित 1873 में निर्मित आईएसआर 421 शंटिंग लोको के पहियों और अन्य मुख्य पार्टस को पेडस्टल पर रखे-रखे भाप से चलाया गया।
इस मौके पर कारखाने के संक्षिप्त इतिहास को छायाचित्रों के माध्यम से आमजन के लिए प्रदर्शित किया गया। ऐसे नागरिक जिन्होंने भाप इंजन की कार्य प्रणाली को नहीं देखा था उनके कौतहूल का निदान हुआ।
प्रदर्शनी सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया। दिनभर आमजन ने रुचि दिखाते हुए प्रदर्शनी में बढचढ कर शिरकत की। प्रदर्शनी के दौरान समय-समय पर रेल कौशल विकास योजना के बारे में भी सूचना दी गई। इस दौरान रेलवे की आन्तरिक सांस्कृतिक टीम ने देश भक्ति एवं रेल से संबंधित गीतों की भी प्रस्तुति दी।
इस प्रदर्शनी का लगभग करीब 1000 लोगों ने अवलोकन किया जिसमें 200 स्कूली बच्चें एवं अभिभावक भी शामिल थे। प्रदर्शनी की सभी दर्शकों ने खूब सराहा।