

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में आज फोन टेपिंग मामले की सीबीआई जांच की मांग के बाद सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के सदस्यों के बीच उत्पन्न गतिरोध समाप्त हो गया।
शून्यकाल में इस मामले पर चर्चा के दौरान दोनों पक्षों के बीच नोंकझोंक से गतिरोध बन गया और बाद में सदन की कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित कर दी गई। एक बजकर 34 मिनट पर दुबारा कार्यवाही शुरु होने पर गतिरोध जारी रहने के कारण फिर सभापति महेन्द्र सिंह मालवीय ने आधा घंटे के लिए सदन की कार्यवाही फिर स्थगित कर दी।
इस बीच सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना और नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया के बीच अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल को लेकर विपक्ष के सदस्य उत्तेजित एवं नारज हो गये और वेल में धरना पर बैठ गये। सदन की फिर कार्यवाही शुरु होने पर अध्यक्ष सी पी जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष के प्रति गलत टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
आंजना ने कहा कि वह कटारिया का सम्मान रखते हैं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच उत्पन्न गतिरोध समाप्त हो गया और सदन की कार्यवाही चलने लगी।