

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश में गाजीपुर के सैदपुर कस्बा में आज केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने दत्तक पुत्र विजेन्द्र कुमार की शादी में भाग लेने पहुंचे और बकायदा गोद लिए गए बेटे को शादी की पगड़ी बांधी। राजनाथ के बेटे को आशीर्वाद देने के लिए केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय भी उपस्थित थे।
गौरतलब हो कि मूलत आजमगढ़ के रासेपुर स्थित वीरपुर निवासी विजेंद्र कुमार के पिता जगन्नाथ का बचपन में ही निधन हो गया था। जिसके बाद उनकी मां सुशीला देवी विजेंद्र समेत अपने बाकी के दोनों बच्चे विपिन व मंजेश को लेकर अपने सैदपुर के मदारीपुर स्थित अपने पिता स्व. गुल्लम राम के यहां चली आईं । यहीं उनकी परवरिश हुई। यहां पढ़ाई के दौरान विजेंद्र को किसी रिश्तेदार ने वाराणसी के मोहनियां स्थित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में प्रवेश दिला दिया और वहां से इन्होंने कक्षा 8 की बोर्ड परीक्षा में पूरे प्रदेश में टॉप किया था।
टॉपर विजेंद्र व सेकेंड टॉपर शिवप्रसाद को तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने गोद लेकर जीवन भर उनकी पूरी जिम्मेदारी उठाने का वादा किया। इसके बाद 3 भाईयों में सबसे बड़े विजेंद्र ने हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा कानपुर से की और एमबीबीएस की पढ़ाई बिहार के किशनगंज स्थित माता गुजरी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज से पूरी की और फिर दिल्ली में संविदा पर चिकित्सक की नौकरी की। वर्तमान में उनकी तैनाती अयोध्या के फैजाबाद स्थित गोसाईंगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर है।
डॉ विजेन्द्र की मां सुशीला ने रक्षामंत्री को भगवान का दर्जा देते हुए कहा कि वो हमारे और हमारे परिवार के लिए भगवान हैं। उनके चलते ही आज विजेंद्र इस मुकाम पर पहुंच पाया। अपने विवाह के अवसर पर केंद्रीय मंत्री पिता राजनाथ सिंह का आशीर्वाद पाकर भावुक होते हुए विजेंद्र ने कहाकि रक्षामंत्री ने उनका हर कदम पर साथ दिया, वरना आर्थिक स्थिति इतनी बेहतर नहीं थी कि वो पढ़ाई जारी रख पाते।