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SABGURU NEWS | जौनपुर गौरैया पक्षी को संरक्षण देने के लिए कल उत्तर प्रदेश के जौनपुर में विश्व गौरैया दिवस मनाया जाएगा।काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के समाज शास्त्र विभाग में एसोसियेट प्रोफेसर डॉ0 आर एन त्रिपाठी ने कहा है कि गौरैया मानव जीवन को प्रेरणा देता है।
उन्होने कहा कि गौरया प्रसन्न भाव से परिवार, समाज की सेवा करती है। घरों में चहकने और फुदकने वाली गौरैया आज लुप्तप्राय हो गयी है। इसे बचाने और इसकी संख्या बढ़ाने के लिए आगे आना होगा ।
प्रो0 त्रिपाठी ने आज यहां कहा कि शहरीकरण तथा लोगों की जीवनशैली में बदलाव के कारण गांवों में घर-घर एवं छतों पर चहकने वाली गौरैया की संख्या में कुछ सालों में काफी कमी आई है।
उन्होंने कहा कि पहले घरों में रोशनदान, अटारी, टीन की छतें आदि बनाई जाती थी, जिनमें गौरैया अपना घौंसला बनाती थी। जीवनशैली में बदलाव के कारण यह प्रजाति विलुप्त होती जा रही है। शहरों के बाहर खुले स्थल, बाग-बगीचों का कम होना एवं बढ़ती आबादी, शहरीकरण तथा वाहन प्रदूषण के कारण गौरैया की संख्या में तेज से कमी आई है।
प्रो0 त्रिपाठी ने कहा कि प्रकृति की अनमोल धरोहर गौरैया को बचाने के लिए घौंसलों की व्यवस्था करनी होगी,तभी यह पक्षी फिर से घर,आंगन एवं छतों पर चहचहाती दिखाई पड़ेंगी।
उन्होने कहा कि गौरैया के महत्व को देखते हुए घर-घर फुदकने एवं चहकने वाली गौरैया के संरक्षण के प्रति लोगों काे जागरूक करने के लिये जौनपुर समे प्रदेश के अन्य जिलों में 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस के रूप में मनाया जायेगा।