श्रद्धा से होती है सत्य की प्राप्ति : स्वामी रामचंद्राचार्य

नैमिषारण्य तीर्थ/सीतापुर। भगवान श्रीजगन्नाथ के द्वितीय पाटोत्सव एवं श्री लक्ष्मीनारायण यज्ञ के साथ जगन्नाथ मंदिर में संगीतमय नौ दिवसीय श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ आयोजित किया जा रहा है।

व्यासपीठ से रामानुजाचार्य पुष्कर पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामचन्द्राचार्य ने श्रीराम कथा के पंचम दिवस बुधवार को श्रौताओं को कहा कि श्रद्धा से सत्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि नारद के वचन असत्य नहीं हो सकते है।

जगद्गुरु ने कहा कि राम है जहां काम है। जहां राम नहीं वहां काम नहीं है। स्वामी जी ने श्रोताओं को शिव पार्वती के विवाह प्रसंग का कथा में विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मंत्र में ऐसी शक्ति है कि वह प्रारब्ध को भी बदल सकती है। जिसके लिए जप, तप करना पड़ता है।

भगवान एक है। भगवान को प्राप्त करने में कठिनाई नहीं होती है। उन्होंने भगवान शंकरजी के विवाह से जुडी एक कथा भी सुनाई, जिसमें शंकर भगवान सेवक बने हैं।

जगद्गुरु ने श्रीराम कथा के दौरान कहा कि भगवान की कथा से पहले भक्त की कथा है। उन्होंने कहा कि भगवान को भक्त की भक्ति बहुत अच्छी लगती है। जिससे भक्त और भगवान के बीच संबंध हो जाते है।

महाशिवरात्रि पर जगन्नाथ मंदिर में चल रही कथा के दौरान भारी भीड़ उमडी। जगद्गुरु स्वामी जी के सान्निध्य में लक्ष्मी नारायण यज्ञ का शुभारंभ हुआ। जो आचार्यत्व नन्दकिशोर शास्त्री और विद्वान पंडितों यज्ञ किया जा रहा है। यज्ञ में हज़ारों श्रद्धालुओं ने भागीदारी की।

कथा श्रवण में स्वामी अनिरूध्दाचार्य, स्वामी चतुर्भुज दास महाराज, पंडित नन्दकिशोर शास्त्री, फ़र्रूख़ाबाद सांसद मुकेश राजपूत, विमल प्रकाश मिश्रा व्यवस्थापक, श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट नैमिषारण्य, उपेंद्र सिंह राजावत, मधु कंवर, अवध बिहारी मिश्रा, कुंती मिश्रा, मुनेंद्र सिंह, कौशल्या देवी, हरिइच्छा पाराशर, हरिप्रसाद शर्मा समेत बडी संख्या में मौजूद रहे।