अजमेर। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने महाशिवरात्रि के अवसर पर ग्राम पालरा में श्री पालेश्वर महादेव मंदिर और नौलखा के नौरखेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित गांवाई महाशिवरात्रि कार्यक्रमों में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने शिवभक्तों के साथ मिलकर पूजा अर्चना की और क्षेत्रवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।
मंत्री रावत ने कहा कि महाशिवरात्रि हमारे जीवन में सकारात्मकता, धैर्य और संघर्ष की प्रतीक है। यह पर्व हमें जीवन में संतुलन और शांति बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि इस दिन की विशेषता है कि यह भक्तों को न केवल धार्मिक उन्नति की ओर प्रेरित करता है, बल्कि उनके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति भी लाता है।
रावत ने क्षेत्र के विकास और जल संकट के समाधान के लिए राज्य सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण और प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठा रही है, ताकि हर गांव तक स्वच्छ और पर्याप्त जल पहुंच सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जल बचाने के उपायों को अपनाएं और राज्य में जल संकट से निपटने के लिए हर संभव सहयोग करें।
उन्होंने विभिन्न गांवों के कार्यक्रमों में उपस्थित स्थानीय लोगों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। मंत्री रावत ने यह भी कहा कि सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है और महाशिवरात्रि जैसे पर्वों का आयोजन समाज में एकता और सद्भावना बढ़ाने का काम करता है।
इस अवसर पर अर्जुन रावत, सुरजीत सिंह रावत, नरेंद्र चुंडावत, महेंद्र सिंह रावत, रणजीत सिंह रावत, लेखराज सिंह रावत, गोपाल सिंह रावत, भगवान रावत, जय सिंह रावत, राजेंद्र सिंह रावत नौलखा, किशन सिंह रावत, केसर सिंह रावत, जगमाल सिंह, जयसिंह, सतपाल सिंह सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
सर्किट हाउस अजमेर में सुनी जनसमस्याएं
सर्किट हाउस अजमेर में अल्प प्रवास के दौरान जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने आम नागरिकों की समस्याओं को सुना और त्वरित समाधान के लिए निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर लोगों से संवाद किया और उनके मुद्दों का शीघ्र समाधान करने का आश्वासन दिया।
रावत ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना है। उन्होंने जल संसाधन, सिंचाई सुविधाओं और पेयजल की उपलब्धता से संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता से निपटने की दिशा में काम करने का भरोसा दिलाया।
जनसुनवाई में प्रमुख मुद्दे
1. सिंचाई और जल संचयन: किसानों ने सिंचाई जल की कमी और जलस्रोतों के दूषित होने की समस्या उठाई। रावत ने इस दिशा में सुधार के लिए जल संचयन योजनाओं और सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने का आश्वासन दिया।
2. पेयजल समस्या: कुछ क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति में समस्या थी, जिसे तत्काल समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
3. नदी और तालाब संरक्षण: रावत ने जलाशयों और तालाबों के संरक्षण पर जोर दिया और इस दिशा में कार्यवाही तेज करने का आश्वासन दिया।
रावत ने यह भी कहा कि राजस्थान सरकार जल संकट से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रही है और सभी स्तरों पर जल प्रबंधन को सुधारने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे जल संरक्षण में सक्रिय रूप से योगदान दें, क्योंकि यह समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
जनसुनवाई के दौरान अजमेर जिले के कई नागरिकों ने अपनी समस्याओं को मंत्री के सामने रखा। जल संसाधन मंत्री ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया और समाधान के लिए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
धार्मिक मेले श्रद्धा और भक्ति को बढ़ावा देते हैं : मंत्री रावत
महाशिवरात्रि पर मंत्री सुरेश रावत ने पुष्कर में श्री भटबाय गणेशजी मंदिर में टेका माथा