मुंबई। बम्बई उच्च न्यायालय ने उद्योगपति अनिल अंबानी पर अप्रैल 2022 में आयकर विभाग की ओर से जारी नोटिस को चुनौती देने वाली अपनी याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग करने पर 25,000 रुपए का जुर्माना लगाया है।
न्यायमूर्ति महेश एस सोनक और न्यायमूर्ति जितेंद्र एस जैन की पीठ ने हाल ही में अंबानी के वकील गुंजन कक्कड़ को सुनवाई के दौरान कड़ी फटकार लगाई और कहा कि अंबानी के वकील ने मामले को तत्काल सुनवाई के लिए अब लिखित अनुरोध किया है, जबकि नोटिस 12 अप्रैल 2022 को जारी किया गया था।
पीठ ने कहा कि मामले को तत्काल प्रसारित करने या सुनवाई की सुविधा ऐसी कृत्रिम तात्कालिकता पैदा करके लागू नहीं की जा सकती। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि इसके अलावा, अदालत में कारण बताओ नोटिस को चुनौती दी गई है, जिसे लेकर याचिकाकर्ता ने न्यायालय में उस समय याचिका दायर की है, जब 31 मार्च 2025 तक मूल्यांकन की समय सीमा समाप्त होने की संभावना है।
लिहाजा, हम टाटा मेमोरियल अस्पताल को 25,000 रुपए की राशि देने के आदेश के साथ यह याचिका खारिज करते हैं। न्यायालय ने अंबानी को दो सप्ताह के भीतर राशि जमा करने को कहा और अगली तारीख तक सुनवाई स्थगित कर दी।