नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर के खुल्दाबाद में मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग कर रहे दक्षिणपंथी समूहों द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान एक पवित्र पुस्तक का अपमान किए जाने की अफवाह के बाद भड़की हिंसा के मद्देनजर नागपुर के कई हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।
पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि नागपुर में स्थिति नियंत्रण में है और ताजा हिंसा की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। नागपुर के पुलिस आयुक्त रवीन्द्र सिंघल ने संवाददाताओं से कहा कि शहर में शांतिपूर्ण स्थिति है।
उन्होंने कहा हालांकि पुलिस ने उपद्रव या हिंसा की आशंका के खतरे को भांपते हुए तत्काल इस मामले में आदेश जारी करते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 को लागू करते हुए कल रात से प्रतिबंध लगा दिए थे। उन्हाेंने कहा कि अगले आदेश तक प्रतिबंध लागू रहेगा।
कब्र के स्थान पर बने मराठा योद्धाओं का स्मारक:विहिप
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने मांग की है कि नागपुर में अफवाह फैलाकर, हिंसा और आगजनी करने वाले जिहादियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो तथा औरंगजेब की कब्र के स्थान पर मराठा योद्धा धनाजी जाधव, संताजी घोरपडे, छत्रपति राजाराम महाराज का स्मारक बने।
विहिप के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने घटना की तीव्र भर्त्सना करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार रात्रि को जो आगजनी और हमले की घटनाएं मुस्लिम समाज के एक वर्ग द्वारा जो की गईं वे घोर निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि हमारे युवा विभाग बजरंगदल के कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले किए गए, हिंदू समाज के अनेक घरों को निशाना बनाया गया और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा गया। विश्व हिंदू परिषद इस सब की घोर शब्दों में निंदा करता है।
उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि एक तो यह झूठ फैलाया गया कि हिंदू समाज ने आयतें जलाई हैं और दूसरी ओर हिंसा भड़काने का कुत्सित प्रयास हुआ। ऐसे सभी समाज कंटक जिहादी उत्पतियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
विहिप महामंत्री ने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज नगर में जो औरंगजेब की कब्र है उसका महिमा मंडन बंद करके उसमें कोई सुधार करने का विषय भी नहीं सोचना चाहिए। अपितु उसकी जगह पर वहां औरंगजेब को जिन्होंने पराजित किया, ऐसे मराठा योद्धा धनाजी जाधव और संताजी घोरपडे तथा साथ में ही छत्रपति राजाराम महाराज का एक विजय स्मारक बनाना चाहिए। जहां मराठों के साम्राज्य में औरंगजेब को पराजित करने का एक विजय स्तंभ बने, वही मांग विश्व हिंदू परिषद कर रही है और इसलिए ऐसे हिंसा में लगे हुए लोगों के विरुद्ध तुरंत कार्रवाई करके कठोर से कठोर रीति से इनका दमन करना चाहिए।
विधान सभा भवन के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन
महाराष्ट्र में विपक्ष ने मंगलवार को नागपुर हिंसा को लेकर यहां महाराष्ट्र विधान सभा भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और भारतीय जनता पार्टी के विधायक एवं राज्य सरकार में मंत्री नितेश राणे को हटाने की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि राणे ने बयान के कारण शहर में सोमवार को हिंसा भड़की।
शहर में उपद्रव के दौरान कल कम से कम 45 वाहनों में तोड़फोड़ की गई। सत्तापक्ष के विभिन्न नेताओं ने नागपुर की घटना की निंदा की है और कहा है कि हिंसा में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस बीच जिला संरक्षक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया और कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट की निगरानी की जा रही है।
फडणवीस सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि नागपुर में हुई हिंसा के पीछे महा विकास अघाड़ी का हाथ है… विपक्ष के लोग यह दिखाने में लगे हैं कि वे ही मुसलमानों के साथ खड़े हैं, लेकिन उन्हें यह एहसास नहीं है कि मुसलमान ऐसा नहीं चाहते…।
शिवसेना विधायक मनीषा कायंदे ने नागपुर हिंसा की निंदा की और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि हम नागपुर हिंसा की निंदा करते हैं। अफवाह फैलाने वालों को सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए और उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। महाराष्ट्र में ऐसी चीज बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नागपुर के राजघराने के सदस्य राजे मुधोजी भोसले ने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है। नागपुर के इतिहास में ऐसी घटना कभी नहीं हुई। जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाना चाहिए और प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटना फिर कभी न हो। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि इसमें स्थानीय लोग शामिल थे। बाहरी लोगों के साथ कुछ असामाजिक तत्व भी इसमें शामिल रहे होंगे।