कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष का अनादर करने पर 18 BJP MLAs 6 माह के लिए निलंबित

बेंगलूरु। कर्नाटक में कथित हनी-ट्रैप के प्रयासों को लेकर उग्र विरोध प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 18 विधायकों को छह महीने की अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।

भाजपा विधायकों ने सदन में विस अध्यक्ष यूटी खादर की आसंदी पर चढ़ने का प्रयास किया। इसके बाद अध्यक्ष ने अध्यक्ष के अनादर का हवाला देते हुए विधानसभा के प्रक्रियात्मक नियमों के नियम 388 के तहत यह निर्णय लिया। निलंबित सदस्यों में डॉ.सीएन अश्वथ नारायण, बी सुरेश गौड़ा, उमानाथ कोट्यान, सीके राममूर्ति और यशपाल सुवर्णा शामिल हैं।

मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बजट पर जवाब के बाद विरोध शुरू हुआ। भाजपा ने मुस्लिम समुदाय के पक्ष में आवंटन के कारण इसे हलाल बजट करार दिया। विवाद सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना के हाल ही के दावे से उपजा है जिसमें उन्होंने कहा था कि 48 विधायकों को हनीट्रैप में फंसाया गया है, जिसमें वे खुद भी शामिल हैं।

भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने इस मुद्दे को उठाया और आरोप लगाया कि कांग्रेस के मंत्रियों को संगठित समूहों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। जवाब में राजन्ना ने भी उन्हें हनीट्रैप में फंसाने की कोशिश की बात स्वीकार की।

गृह मंत्री जी परमेश्वर ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की घोषणा की और मुख्यमंत्री ने सदन को पूर्ण जांच का आश्वासन दिया। भाजपा ने निलंबन की निंदा करते हुए इसे विधानसभा में विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताया है।

गौरतलब है कि कर्नाटक पुलिस द्वारा तुमकुरु जिले में दो महिलाओं को भाजपा नेता को हनीट्रैप में फंसाने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के कुछ ही दिनों बाद ये मामला सामने आया है।