लॉरेंस-गोदारा गिरोह का सदस्य आदित्य जैन दुबई से अरेस्ट

जयपुर। राजस्थान में एंटी गैगस्टर टॉस्क फोर्स (एजीटीएफ) लॉरेन्स विश्नोई-रोहित गोदारा गिरोह के सक्रिय सदस्य आदित्य जैन उर्फ टोनी को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई से गिरफ्तार कर जयपुर लाई हैं।

पुलिस महानिदेशक (अपराध शाखा, एजीटीएफ) दिनेश एमएन ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों को बताया कि बदमाश आदित्य को शुक्रवार सुबह जयपुर लाया गया। एमएन ने बताया कि यह दुबई से अरबनिया जाने की कोशिश में था कि हवाई अड्डे पर पकड़ा गया। बाद में उसे भारत लाया गया और एजीटीएफ टीम शुक्रवार सुबह उसे जयपुर लेकर पहुंची।

उन्होंने बताया कि आदित्य जैन अपराधों को अंजाम देने के बाद अचानक देश से गायब हो जाने की आसूचना पर छानबीन करने पर उसके विदेश भाग जाने की जानकारी मिली। उसके पासपोर्ट सम्बन्धी जानकारी प्राप्त करने पर उसके संयुक्त अरब अमीरात में होने एवं वहां से रोहित गोदारा एवं गिरोह के अन्य सदस्यों से डब्बा कॉलिंग करवाकर अवैध वसूली करने सम्बन्धी सूचनाएं प्राप्त हुई, जिस पर उसकी आपराधिक गतिविधियों पर निरन्तर निगरानी रखने एवं सटीक सूचनाएं संकलित कर इसके संबंध में भौतिक एवं तकनीकी आसूचना के आधार पर आरोपी की सटीक लोकेशन प्राप्त कर समय-समय पर सूचना अपडेट की गई।

उन्होंने बताया कि यूएई को सीबीआई इण्टरपोल के माध्यम से उसकी लोकेशन की जानकारी के लिए इन्टरपोल रेफरेन्स भेजा गया तथा उसके खिलाफ सीबीआई दिल्ली के मार्फत इन्टरपोल रेड नोटिस जारी कराया गया, जिसके फलस्वरूप फरार आरोपी दुबई में लोकेट हुआ।

इण्टरपोल रेड नोटिस जारी होने के बाद गत 24 मार्च को यूएई द्वारा आरोपी आदित्य जैन को डिटेन करने एवं उसको भारत लाने के लिए सिक्यूरिटी मिशन भेजने की सूचना प्राप्त हुई और उसके बाद एजीटीएफ टीम 31 मार्च को दुबई पहुंच गई और वह उसे भारत लेकर आई, जिसमें सीबीआई का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2018 में चूरु जेल में बंद के दौरान बदमाश वीरेन्द्र चारण के संपर्क में आया। बाद में वह जनवरी 2024 में अपने पासपोर्ट पर दुबई चला गया और वहां से लॉरेन्स-गोदारा गिरोह के लिए डब्बा कॉल शुरु करना शुरु किया और उसने वहां टूल एंड ट्रैवल्स का काम भी किया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने आप ही दुबई गया था और इसमें किसी अन्य का कोई हाथ नहीं हैं। उसकी पत्नी अभी दुबई में हैं।

उन्होंने बताया कि आदित्य जैन (26) डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन शहर का रहने वाला है तथा गुजरात में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेन्स विश्नोई तथा रोहित गोदारा द्वारा चलाए जा रहे जबरन वसूली गिरोह का सक्रिय सदस्य है। इसके विरूद्ध राजस्थान के विभिन्न जिलों में अपहरण, बलात्कार, भयाक्रांत कर जबरन वसूली, अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर अपराधों के साथ जेल में बन्द अपराधियों को अपराध करने के लिए अवैध रूप से मोबाईल फोन एवं अन्य सामग्री उपलब्ध कराने एवं अपना नाम बदलकर छल करने से सम्बन्धित सात प्रकरण दर्ज है।

एमएन ने एक सवाल पर कहा कि पहले पंजाब, दिल्ली, हरियाणा आदि राज्यों में बदमाश अपराध करके विदेश भाग जाते थे और राजस्थान में यह ट्रेंड जुलाई 2022 में चालू हुआ और पुलिस के लिए यह चुनौती भरा हैं लेकिन हमने तीन बदमाशों को विदेश से यहां लाये हैं और प्रयास हैं राजस्थान में कोई वारदात नहीं हों और जो बदमाश देश के बाहर उन्हें जल्द ही पकड़कर लाएंगे। उन्होंने बताया कि इटली में बैठे बदमाश अमरजीत को भी भारत लाने के लिए प्रत्राचार चल रहा है और उसे भी जल्द ही लेकर आएंगे।

उन्होंने बताया राजस्थान में एजीटीएफ के गठन के बाद बदमाशों की फायरिंग, जबरन वसूली आदि घटनाओं में कमी आई हैं और बदमाशों के गिरोह पर शिकंजा कसा हुआ हैं और जो बदमाश देश के बाहर हैं, उनको भारत लाने के लिए रेड नोटिस जारी किए हुए हैं और उन्हें जल्द भारत लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।