मणिपुर के डॉक्टर को पोक्सो अधिनियम के तहत 20 साल की सजा

शिलांग। मेघालय की एक अदालत ने मणिपुर के एक डॉक्टर को मेघालय में यौन अपराध बाल संरक्षण अधिनियम (पोक्सो) के तहत 20 वर्ष तक कारावास की कड़ी सजा सुनाई है।

पश्चिमी खासी हिल्स जिले के विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) एम. कुमार की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद 58 वर्षीय डॉक्टर को दोषी करार देते हुए 20 साल कठोर कारावास और 1,25,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले के खुरई के मूल निवासी डॉ. अयम सुनील खुमान पर एक नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है। खुमान पूर्वी पश्चिमी खासी हिल्स जिले के मैरांग के पिंडेंगुमियोंग गांव में क्लीनिक चलाते थे। मेघालय पुलिस ने मैरांग थाने में पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया और खुमान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

एक अन्य फैसले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) ने दो अन्य व्यक्तियों को एक पीड़िता का यौन शोषण के आरोप में दोषी ठहराया। अदालत ने पूर्वी पश्चिम खासी हिल्स जिले के डोंबाहखसेह गांव का निवासी बक्सर लयंगदो लयंगखोई को 20 साल की सजा और 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को छह महीने की अतिरिक्त साधारण सजा भुगतनी होगी।