आस्ट्रेलिया शोधकर्ताओं के अध्ययन से ब्रेस्ट कैंसर से मिलेगा निजात

सिडनी। ऑस्ट्रेलिया में शोधकर्ता ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर के इलाज को प्रभावी बनाने के लिए अगली पीढ़ी के नैनोकणों का विकास कर रहे हैं। क्वींसलैंड विश्वविद्यालय के ऑस्ट्रेलियाई जैव अभियांत्रिकी और नैनो प्रौद्योगिकी संस्थान (एआईबीएन) के अनुसार, शोधकर्ता लौह-आधारित नैनोकण डिजाइन कर रहे हैं, जो टीएनबीसी के खिलाफ शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को मजबूत करेंगे।

एआईबीएन के प्रोफेसर यू चेंगझोंग के अनुसार, टीएनबीसी में लक्षित प्रोटीन की कमी होती है, जिससे प्रभावी उपचार एक बड़ी चुनौती बन जाती है।

उन्होंने कहा कि इम्यूनोथेरेपी के बावजूद, टीएनबीसी के खिलाफ इसकी प्रभावशीलता सीमित है, और हमारा शोध यही बदलने की कोशिश कर रहा है। नैनोकणों को ट्यूमर में टी-कोशिकाओं की गतिविधि बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और उन पर हमला करने में प्रतिरक्षा प्रणाली की क्षमता में सुधार हो सके।

तीस लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के राष्ट्रीय स्वास्थ्य और चिकित्सा अनुसंधान परिषद अनुदान द्वारा समर्थित, पांच साल की अनुसंधान परियोजना का उद्देश्य एक महत्वपूर्ण उपचार अंतराल को पाटना है और यह टीएनबीसी के साथ-साथ अन्य कठिन-इलाज कैंसर के लिए भी नैदानिक अनुप्रयोगों का मार्ग खोल सकता है।

एआईबीएन के निदेशक एलन रोवन ने कहा कि यह शोध कैंसर से लड़ने के तरीके को बदलकर महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण बनेगा।