

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो को अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे के मामले में कुछ नई जानकारियां मिली हैं।
केंद्र सरकार ने जिन 8 देशों से सूचनाएं मांगी थीं उनसे काफी कुछ जानकारियां हासिल हुई हैं जिनके बाद अब सीबीआई इस मामले में संदिग्ध कई लोगों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। इनमें कुछ राजनेता भी हैं, जिनसे पूछताछ हो सकती है।
सीबीआई की ओर से आठ देशों को आग्रह पत्र भेजा गया था जिनमें इटली, ट्यूनिशिया, मारीशस को 2013 में और संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, स्विटजरलैंड, सिंगापुर और ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड को 2014 में भेजा गया था।
आग्रह पत्र पर अमल किये जाने से संबंधित रिपोर्ट का इन सभी देशों से इंतजार था। पिछले दिनों रक्षा मंत्री मनोहर परिर्कर ने कहा था कि संयुक्त अरब अमीरात ने और जानकारी मांगी है, मारीशस को एक नया आग्रह पत्र भेजा गया है।
सूत्रों का कहना है कि संयुक्त अरब अमीरात और सिंगापुर द्वारा जानकारी उपलब्ध कराई गई जो सीबीआई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
दरअसल इतालवी रक्षा एवं एयरोस्पेस कंपनी ने भारत सरकार से 3,600 करोड़ रुपए में 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर का सौदा किया था।
इस सौदे में 450 करोड़ रुपए की रिश्वत के कथित लेन-देन के आरोप लगे थे जिसके बाद सीबीआई ने इस संबंध में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी और उनके रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया था।
एसपी त्यागी को 26 दिसम्बर को ही सशर्त जमानत मिली है कि वह देश छोड़कर नहीं जाएंगे। त्यागी ने कोर्ट को बताया था कि हेलीकॉप्टर की सीलिंग घटाने का फैसला उनका अकेले का नहीं था।
उल्लेखनीय है कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में गलत ‘अकाउंटिंग’ और भ्रष्टाचार करने को लेकर उसकी अनुषंगी कंपनी फिनमेकानिका के पूर्व प्रमुख गुसेप ओर्सी को साढ़े चार साल और अगस्ता वेस्टलैंड के पूर्व सीईओ बुर्नो स्पागनोलीनी को भी चार साल कैद की सजा सुनाई गई थी।
इन दोनों पर अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार और भारत के साथ अनुबंध में करीब 4,250 करोड़ रुपये के रिश्वत के लेने-देन के सिलसिले में फर्जी बिल बनाने के आरोप हैं।