सिरोही। पुराना बस-स्टैण्ड से कुछ ही दूरी पर मुख्य मार्ग पर स्थिति राजपुरोहित छात्रावास के सामने बुधवार रात करीब 10ण्20 बजे मनोज पुरोहित नाम के एक युवक पर दो युवकों ने फायरिंग की। सजगता से मनोज ने फायरिंग करने वाले युवक को हाथ उपर कर दिया, जिससे वह बच गया। शराब के नशे में एक हमलावर गिरकर घायल होने से पकड में आ गया। वही दूसरा भागने में सफल हो गया। मौके पर दो देशी पिस्टल, एक मेग्जिन और एक चले हुए कारतूस का खोल मिला है। सूचना मिलने पर शहर कोतवाल विरेन्द्रसिंह मौके पर पहुंच गए। इसके बाद एएसपी निर्मला विश्नोई तथा डीएसपी तेजसिंह भी वहां पहुंचे।
जानकारी के अनुसार टांकरिया निवासी मनोज पुरोहित के मोबाइल पर करीब 9ण्28 बजे एक फोन आया। दूसरी तरफ से बोल रहे युवक ने मनोज के समाज का ही युवक बताने और अपनापन दिखाने के लिए जय बरमाजी री बोला और कहा कि वह शिवगंज का है और उससे मिलना चाहता है। मनोज ने कारण पूछा तो उसने बताया कि उसकी बहन शिवगंज काॅलेज में पढती और उसे कोई परेशान करता है इस संदर्भ में वह उससे मिलना चाहता है। मनोज ने सहमति जता दी और सिरोही में मिलने को कहा। करीब बीस मिनट बाद फिर उन युवकों को फोन आया और उन्होंने मनोज को गोयली चैराहे पर बुलवाया। लेकिन, मनोज ने उन लोगों को कुंदन होटल के पास आने को कहा। इस दौरान मनोज अपने एक मित्र के साथ राजपुरोहित भवन के पास आकर खडा हो गया और उनका इंतजार करने लगा।
कुछ देर बाद झोब नाले के आगे बने स्पीडब्रेकर से पहले टांकरिया गली नम्बर पांच के पास एक सफेद इंडिका रुकी, उसमें से दो युवक उतरे, करीब 10ण्11 मिनट पर मनोज के मोबाइल पर फिर फोन आया, लेकिन उसका फोन सायलेंट पर था इसलिए घंटी नहीं बजी और फोन उठाया तो इंडिका से उतरे दो युवक ही उससे मिलने के इच्छुक थे। इस पर मनोज उनके पास गया और उसने खुदको कोई अन्य व्यक्ति बताते हुए दोनों कहा कि मनोज जी आपको बुला रहे हैं और उन्हे राजपुरोहित भवन के गेट पर ले आया। वहां पहुंचते ही उसने बताया कि वही मनोज है, इस पर एक युवक ने उससे बातें करते हुए अपनी कमर से पिस्टल निकालकर उसके सीने से सटाकर उस पर फायर कर दिया, लेकिन मनोज ने सजगता बरतते हुए उसकी कलाई पकडकर हाथ उपर उठा दिया।
इससे वह बच गया, लेकिन इसी दौरान दूसरे हमलावर ने भी अपनी पिस्टल निकाल ली और जैसे ही फायर करने लगा मनोज के साथ आए उसके दोस्त ने उसे पकड लिया। इस छीना झपटी में दोनों युवकों की पिस्टल राजपुरोहित भवन के बाहर ही गिर गई। एक हमलावर भाग गया और नशे के कारण दूसरा पकड मंे आ गया। मनोज को मालूम था कि राजपुरोहित भवन का मुख्य दरवाजा बंद रहता है, लेकिन छोटा दरवाजा खुला रहता है। उसने छोटे दरवाजे में घुसकर बडा दरवाजा खोला और सजगता बरतते हुए पकड में आए युवक को भवन के अंदर लेकर दरवाजा बंद कर दिया।
गिरने से पकड में आया हमलावर चोटिल हो गया और उसके चोट लगने से फर्श पर खून भी लग फैल गया। सूचना मिलने पर आसपास के लोग व काफी लोग राजपुरोहित भवन पहुंच गए। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और घायल हमलावर को जिला चिकित्सालय पहुंचाया। सूचना मिलने पर एएसपी निर्मला विश्नाई व डीएसपी तेजसिंह भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी मनोज से ली।
मिले हैं कई आई कार्ड
घायल हुए हमलावर की जेब से तीन-चार आइडेंटीटिटी कार्ड भी मिले हैं। किसी पर भानूप्रताप, किसी पर सुरेन्द्रसिंह नाम लिखे हुए हैं। एक पर भरतपुर का पता लिखा बताया जा रहा है, लेकिन वास्तविक पहचान के लिए पुलिस पकडे गए हमलावर की पहचान साफ कर पाएगी।
जेब से भी मिले कारतूस
घायल होकर गिरे युवक की जेब में से चार-पांच कारतूूस मिले है। यह सभी कारतूस जिंदा बताये जा रहे हैं। जो पिस्टल मौके पर गिरी हुई मिली वह बहुत ही एडवांस नजर आई। उसमें बाकायद विदेशी पिस्टल की तरह बनाया गया था। इसमें कारतूस डालने के लिए बाकायदा मेगजीन लगाने की व्यवस्था भी थी।
करवाई नाकाबंदी
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने सफेद इंडिका पकडने के लिए नाकाबंदी करवा दी है। इतना ही नहीं मोबाइल नम्बर के आधार पर भी उनकी स्थिति लोकेट करने में लगे हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
मनोज राजपुरोहित की राजनीति पृष्ठभूमि है। उसकी बहन हाल ही में हुए सिरोही राजकीय महाविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष बनी है। खुद मनोज राजपुरोहित भी इस बार नगर परिषद चुनावों में वार्ड संख्या-16 से भाजपा का अधिकृत उम्मीदवार था, लेकिन 2008 में सिरोही में हुए दंगे में उसके खिलाफ मामला दर्ज होने और न्यायालय में चार्जशीट के बाद आरोप तय हो जाने के कारण इसका नामांकन खारिज कर दिया गया था।