स्वच्छता के झूठे आंकड़े पेश करना बंद करें अधिकारी : मदन दिलावर

कोटा। राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ग्राम पंचायतों में स्वच्छता को लेकर काफी गंभीर और सख्त नजर आये और अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत स्वच्छता अभियान के आंकड़ों पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते कहा है कि जो आंकड़े पेश किए गए वह आधारहीन हैं। धरातल पर यह आंकड़े ठीक नहीं, जो अधिकारी आधारहीन आंकड़े तैयार कर रहे हैं उनके खिलाफ कार्यवाही की जा सकती है।

दिलावर बुधवार को यहां स्वच्छ भारत मिशन, अन्नपूर्णा रसोई तथा घुमंतू एवं अर्ध घुमंत जाति के आवास विहीन व्यक्तियों को पट्टा आवंटन अभियान को लेकर आयोजित पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुझे झूठे आंकड़े पेश करना बिल्कुल भी पसंद नहीं। मैं अब तक प्रदेश की 50 ग्राम पंचायत का आकस्मिक निरीक्षण कर चुका हूं। दो या तीन पंचायत को छोड़ दें तो किसी भी पंचायत में राज्य सरकार के स्वच्छता अभियान को लेकर आदेशों की अक्षर से पालन नहीं हो रही है। केवल घालमेल किया जा रहा है। कुछ के खिलाफ मैने कार्यवाही की है। आगे भी सख्त कार्यवाही करूंगा।

उन्होंने सवाल किया कि छोटी से छोटी पंचायत में 80 हजार रुपए से लेकर 40 लाख रुपए तक सालाना सफाई के लिए दिए जा रहे हैं। फिर यह पैसा जाता कहां है, सफाई क्यों नहीं होती। जिसने भी सफाई मद के पैसे से निर्माण कार्य किया है, उसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए पैसे वसूल किए जाएंगे। जिस अधिकारी ने निर्माण कार्य स्वीकृत किया होगा उससे भी वसूल किया जाएगा। बहाने बनाते हैं सफाई तो की थी साहब परंतु दिख नहीं रही, सफाई हुई नहीं तो फिर दिखेगी कैसे।

उन्होंने कहा कि मैं गांव में जाता हूं पूछता हूं तो लोग कहते हैं कि पंचायत झाड़ू भी निकलवती है, यह तो हम पहली बार सुन रहे हैं। अभी तक तो हम ही पैसे देकर झाड़ू निकलवा रहे हैं। गांव में लोग गंदगी के कारण बीमार होकर मर रहे हैं और हम पैसा निर्माण कार्य पर खर्च कर रहे है। ऐसा करके हम पाप के भागीदार बन रहे हैं। परंतु अब कोई भी नहीं बचेगा।

उन्होंने कहा कि अब भी आप काम करवाना शुरू कर दो, तो पुराने पाप धुल जाएंगे। अगर अब भी नहीं सुधरे तो पूरे पांच साल का पैसा जांच कर वसूल लूंगा। उन्होंने सलाह दी की एक बार अभियान चलाकर पूरी पंचायत को साफ कर लो उसके बाद नियमित सफाई शुरू करो। गांव में रोज झाड़ू निकालना चाहिए कीचड़ और कचरा नहीं होना चाहिए। रोज गाड़ घर-घर कचरा लेने आनी चाहिए।

टेंडर में भी गाड़ी से कचरा संग्रहण करने का पैसा शामिल है फिर गाड़ी क्यों नहीं लगा रहे हैं। जो ठेकेदार टेंडर शर्तों के मुताबिक गाड़ी नहीं लग रहा है उसका पैसा काटो। यदि सप्ताह में तीन दिन ही सफाई कर रहा है तो उसका शेष दिन का पैसा भी भुगतान मत करो।

उन्होंने कहा कि मुझे एक साल के अंदर पूरा राजस्थान प्रदेश देश में नंबर वन स्वच्छ चाहिए और इस काम में आप सब का सहयोग जरूरी है। दिलावर ने बैठक में जिला प्रमुखों, पंचायत समिति प्रधानों और सरपंचों को डांटने के बाद उन्हें संबल देते हुए कहा कि सही काम करोगे तो मैं तुम्हारा रक्षा कवच हूं ,कोई तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता लेकिन गलत काम करोगे, सीधी कार्यवाही करूंगा एक को भी नहीं छोडूंगा फिर चाहे वह कोई भी हो।

उन्होंने यूआईटी ऑडिटोरियम में कोटा संभाग के उपस्थित तमाम पंचायती राज विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को गत दिनों सुल्तानपुर में तीन पंचायत के किए गए आकस्मिक निरीक्षण की घटना की चर्चा करते हुए बताया कि जब वह सुल्तानपुर की तीन पंचायत का निरीक्षण किया और वहां उन्हें गंदगी मिली तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही की गई तो अगले दिन वे सब सांगोद के विधायक एवं ऊर्जा मंत्री हीरालाल नगर के पास पहुंच गए और मेरी शिकायत करते हुए कहा कि सरकार सफाई के लिए पैसे तो देती नहीं है, पंचायत के पास अपना पैसा है नहीं, सफाई कैसे हो। ऊपर से मंत्रीजी कारवाई कर देते हैं।

इस बात को लेकर ऊर्जा मंत्री और मेरे बीच हॉट टॉक हो गई। मंत्रीजी मानने को ही तैयार नहीं तब मैंने ऊर्जा मंत्री को सारी लिस्ट भेजी और बताया कि सरकार कितना कितना पैसा दे रही है तब ऊर्जा मंत्री ने भी स्वीकार किया कि उनको गलत जानकारी दी गई। सरपंच पंचायत में सफाई के लिए पैसा नहीं होने की झूठी जानकारी क्षेत्र के विधायकों को देते है।

दिलावर की कार्यशैली से कुछ जनप्रतिनिधि काफी प्रभावित हुए और पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों की समीक्षा बैठक के बाद एक पंचायत समिति सदस्य ने कहा कि मंत्री तो आप जैसा ही होना चाहिए, जो सीधे जनता से जुड़ा रहता है और आमजन की हर छोटी-मोटी समस्या का भी इतना ख्याल रखता है। सदस्य ने कहा कि आपकी बात बिल्कुल सही है कि सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गांव में सफाई के लिए इतना सारा पैसा भेज रहे हैं, लेकिन फिर भी गांव में सफाई नहीं हो रही। परंतु आप लगातार प्रयास कर रहे हैं, तो पूरी उम्मीद है कि लोग सुधरेंगे और अब गांव में शहरों जैसी सफाई भी होने लगेगी।