सिरोही कांग्रेस ने नहीं दिया दूसरा विकल्प या अन्य विकल्प पर भी प्रशासनिक असहमति!

सिरोही का सरजावाव दरवाजा।

सबगुरु न्यूज -सिरोही। इंफोर्समेंट डिपार्टमेंट द्वारा जब्त की गई आदर्श क्रेडिट को ऑपरेटिव सोसायटी की भूमि को औने पौने दामों में नीलाम करने का आरोप कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया। इसे लेकर शनिवार को कांग्रेस की आमसभा प्रस्तावित थी।

कांग्रेस के नगर अध्यक्ष प्रकाश प्रजापति ने सरजावाव दरवाजे पर आमसभा करने के लिए उपखंड अधिकारी से नियमानुसार अनुमति मांगी थी। लेकिन, उपखंड अधिकारी ने पुलिस उप अधीक्षक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए इस स्थान की जगह तुरंत ही सभा के लिए दूसरे स्थान का नाम मांगा था। जिससे अनुमति जारी की जा सके। अब ये सभा शनिवार को नहीं होगी। अभी तक आम सभा को लेकर कोई तैयारी दिखी ना कोई सूचना।

लोगों में अब जिज्ञासा ये जाग रही है कि दूसरे स्थान पर अनुमति देने के लिए सहमत प्रशासन को कांग्रेस ने दूसरा स्थान बताया ही नहीं या कांग्रेस ने प्रशासन द्वारा मांगे गए दूसरे विकल्प के बारे में पत्र भेजा तो था लेकिन प्रशासन ने आरोप के अनुसार दूसरे स्थान पर भी आमसभा की अनुमति नहीं दी।

कांग्रेस ने लगाया ये आरोप

कथित आदर्श घोटाले को लेकर आमसभा के लिए प्रशासन के द्वारा कांग्रेस को अनुमति नहीं देने को कांग्रेस ने जनता की आवाज को दबाने का प्रयास बताया है।

कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं व परंपराओं का उल्लंघन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सिरोही प्रशासन भाजपा सरकार के दबाव में कार्य कर आदर्श सोसायटी घोटाले में जुड़े भाजपा के लोगों और जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रहा हैं। उनकी दलील थी कि पहले भी सरजावाव गेट पर राजनीतिक आमसभाएं, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रम होते आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण आमसभा को अनुमति नहीं देकर सिरोही प्रशासन ने आदर्श घोटाले में लिप्त भाजपा नेताओं को बचाने का खुले रूप से समर्थन किया हैं।

उपखण्ड अधिकारी ने दी ये दलील

सिरोही के उपखंड अधिकारी के द्वारा कांग्रेस नगर अध्यक्ष को भेजे पत्र में लिखा कि आदर्श को-ऑपरेटिव सोसायटी से जुडी जमीनों को खुर्द-बुर्द करने व निवेशकों के साथ हो रहे अन्याय एवं अन्य जिले की समस्याओं को लेकर 5 अप्रैल को जिला कांग्रेस कमेटी सिरोही द्वारा सायं 7 से रात्री 10 बजे तक सिरोही के सरजावाव दरवाजा पर आम सभा आयोजन की अनुमति चाही गई थी। इस संबंध में सिरोही पुलिस उपाधीक्षक से प्राप्त जांच रिपोर्ट के अनुसार सरजावाव दरवाजा चौराहा मुख्य बाजार में आने-जाने हेतु मुख्य रास्ता और एक संकरी जगह है।

वर्तमान में चल रहे नवरात्रि व 5 अप्रैल को दुर्गाष्टमी होने से बाजार में ज्यादा भीड-भाड रहने की संभावना है। जिससे बाजार में आवागमन में बाधा उत्पन्न होगी व यातायात एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होगी। ऐसे में सिरोही पुलिस उप अधीक्षक से प्राप्त जांच रिपोर्ट में कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित स्थल पर आमसभा की अनुमति दिया जाना अनुचित बताया है। पत्र में लिखा कि सरजावाव दरवाजे के स्थान पर किसी अन्य खुली व आमसभा के लिए उपयुक्त जगह का चयन कर तुरंत सूचना उपलब्ध करावें ताकि समयपूर्व आमसभा के लिए अनुमति जारी की जा सके।

पहली बार नहीं हुई है दरवाजे पर मनाही

कांग्रेस भले सरजवाव दरवाजे पर सभा की अनुमति नहीं देने को राजनीतिक साजिश का हिस्सा बता रही है, लेकिन ये पहली बार नहीं हुआ है कि सरजावाव दरवाजे पर आमसभा की अनुमति प्रशासन ने अस्वीकार कर दी हो। सरजावाव दरवाजा सिरोही के बीचोबीच पड़ता है। यहां से शहर के विभिन्न इलाकों को जोड़ने वाले पांच रास्ते जाते हैं। प्रशासन की दलील थी कि यहां सभा से लोगों को आवाजाही मे समस्या होगी। इन्हीं दलीलों के आधार पर विधानसभा चुनावों में भी किसी को अनुमति नहीं दी गई थी।

हर विधानसभा चुनाव से पहले संयम लोढ़ा सरजावाव दरवाजे पर अपनी आम सभा करते हैं। लेकिन, इस बार इस जगह पर भाजपा प्रत्याशी ओटाराम देवासी और निर्दलीय प्रत्याशी हेमन्त पुरोहित ने भी सभा की अनुमति मांगी थी। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो चुनाव से पहले भाजपा ने कांग्रेस से पहले इस जगह की अनुमति लेने के लिए प्रार्थना पत्र दे दिया था। इससे नियमानुसार कांग्रेस को यहां पर सभा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती थी। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान किसी ने दूरभाष पर ये सुझाया कि पहले प्रार्थना पत्र आने से भाजपा को भी यहां सभा करने से कैसे रोका जा सकता है?

प्रशासन ने मुख्य दरवाजा और संकड़ी गली की दलील देकर विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को यहां आमसभा की अनुमति नहीं दी। फिर भाजपा ने रामझरोखे पर और कांग्रेस ने सरजावाव दरवाजे से कुछ मीटर दूर लक्ष्मी मार्केट के सामने आमसभा की थी। उस समय भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय को देकर सरजावाव दरवाजे पर सभा की अनुमति नहीं देने की जो दलील उस समय दी गई थी, वही प्रशासन ने इस बार फिर से दोहराई है। उस समय सबने प्रशासन द्वारा मांगी गई दूसरी जगह का विकल्प दे दिया था और सभाओं की अनुमति भी मिल गई थी। इस बार भी तय समय से पहले अनुमति जारी करने के लिए उपखंड अधिकारी द्वारा प्रकाश प्रजापत को जारी पत्र की अंतिम पंक्तियों में तुरंत दूसरे स्थान की जानकारी मांगी थी।